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"होली के रंग और रिश्तों की मर्यादा"

होली.....

शिव को भज, मेरे मन!

शिव प्रार्थना

शिव स्तुति

सुबह की चाय,

हर दिन कुछ लिखती रहती हूँ मैं।(कविता )

बाँध लो मुझे अपनी बांसुरी की तान में,(कृष्णा-भजन)

श्याम तेरा रंग सबसे गहरा(कृष्ण भजन)

खाली-खाली ही हैं जिंदगी(कविता, शायरी)

सर्दियों की धूप(kavita,shayri )

दिल बेवफा......shayri

सच की लड़ाई

हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है।